नेशनल डेस्क: 18 दिसंबर की रात को दीपू चंद्र दास को फैक्ट्री से निकालकर बेरहमी से पीटा गया, और इतना पीटा गया की वो मर गया, उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। लेकिन कट्टरपंथियों का मन यहीं नहीं भरा। दीपू के शव को पेड़ से लटका कर उसमें आग लगा दी गई
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