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नेशनल डेस्क: केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर कांस्टेबल मुनीर अहमद की सेवाएं समाप्त करने को उचित ठहराया है। CRPF ने मुनीर पर गंभीर कदाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपनी पाकिस्तानी चचेरी बहन मेनल खान से गुपचुप शादी की, निकाहनामे पर उसके हस्ताक्षर फर्जी किए और उसकी वीज़ा स्थिति छिपाई।
मामले के अनुसार, मेनल खान फरवरी 2025 में भारत 15 दिन के पर्यटक वीज़ा पर वाघा बॉर्डर के रास्ते दाखिल हुई थी। उसका वीज़ा 22 मार्च 2025 को समाप्त हो गया था, लेकिन वह अवैध रूप से भारत में रुकी रही और मुनीर अहमद के साथ जम्मू-कश्मीर में उसके घर पर रही।
CRPF ने क्या कहा:
CRPF के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया विशाल शर्मा के माध्यम से अदालत में बताया कि:
- मुनीर अहमद ने विभाग को शादी की जानकारी नहीं दी, न ही मेनल खान के वीज़ा विस्तार या लंबी अवधि के वीज़ा (LTV) के आवेदन की सूचना दी।
- निकाहनामे में दर्शाई गई तारीख पर मेनल पाकिस्तान में थी और उसके हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं।
- शादी के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लंबित था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला कि मेनल भारत में उसके साथ रह रही थी।
- CRPF नियमों के तहत किसी सरकारी कर्मचारी को अगर वह किसी विदेशी से विवाह करता है या करेगा, तो उसे तुरंत सरकार को सूचित करना आवश्यक है। लेकिन मुनीर ने ऐसा नहीं किया।
कार्रवाई:
- मुनीर अहमद ने 24 मई 2024 को मेनल खान से निकाह किया था, लेकिन विभाग को इसकी सूचना 14 अक्टूबर 2024 को दी।
- यह मामला तब सामने आया जब 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द कर देश छोड़ने का आदेश दिया।
- मेनल खान को भी डिपोर्ट किया गया और इसी क्रम में CRPF को मीडिया रिपोर्ट्स से मुनीर के इस विवाह और उसकी भूमिका की जानकारी मिली।
CRPF का गंभीर आरोप:
“मुनीर अहमद ने पाकिस्तानी नागरिक को अपने घर में पनाह दी, जबकि उसे उसकी वीज़ा स्थिति की जानकारी थी। उसने न केवल जानकारी छिपाई, बल्कि छुट्टी पर रहते हुए भी विभाग को सूचित नहीं किया,” CRPF ने कोर्ट में कहा। वर्तमान में मुनीर अहमद ने अपनी सेवा बहाली की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित है।


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