नेशनल डेस्क: जहाँ वंदे मातरम् ने लाखों हिंदुस्तानियों को एकजुट किया, वहीं इसके विरुद्ध कुछ विवादों की छाया भी पड़ी। ब्रिटिश राज के दौरान और आज़ादी के पहले के दशकों में कुछ मुस्लिम नेताओं ने इस गीत पर आपत्ति जताई थी। उनके अनुसार मातृभूमि को “वंदना” देना और उसे देवी-रूप में वर्णित करना, इस्लाम के एकेश्वरवादी सिद्धांत से मेल नहीं खाता था… देखें वीडियों
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