पूर्वाग्रह…

आज मैं ये जानना या समझना नहीं चाहता कि उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा रहा है अपने भूतकाल में, मैं ना उन्हें सही ठहराना चाहता हूं नहीं गलत। क्योंकि समय,देश, काल पर हमारे कर्म निर्भर करते हैं। एक ही कर्म को जब हम सभी जगह लागु करना चाहते है तो हम गलती करते है। हम यह […]

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पूरक बनें स्त्री-पुरुष विरोधी नहीं

    8 मार्च को हमने विश्व महिला दिवस मनाया इस बार का थीम रखा गया ‘बी बोल्ड फॉर चेंज’ यानी बदलाव के लिए बहादूर बने। ये देख कर, सुनकर अच्छा लगता है। वाह, कितना अच्छा काम हो रहा है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि बाकी दिन क्या होता है? क्या, जिस बदलाव […]

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बैंगलोर के बेफिक्रे

बैंगलोर की घटना ने न केवल समाज के उस सोते तबके को एक बार फिर जगाया है जो लड़की की सुरक्षा के लिए धरने के लिए या कैंड़ल मार्च निकालने के लिए ऐसे मौको की तलाश में रहते है। मामला जितना बड़ा बनता जाता है, उतना ही बड़ा हो-हल्ला मचाना शुरू कर देते है। और […]

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समझदार कौन ?

आज हम वैज्ञानिक युग में जी रहे हैं। 21वी सदी बोलते हुए हम गर्व से सीना चौड़ा कर लेते हैं। तर्कों और कुतर्कों के बीना हम किसी भी बात को मानने के लिए तैयार नहीं होते। हम आज अपने आपको बुद्धिमान कहते हैं। विज्ञान को सभी चीजों का आधार मानकर, हर छोटी बड़ी चीज को […]

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राष्ट्रगान को लेकर गैर जरुरी बहस

हालही में सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमा घर में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य कर दिया, जो इसे नहीं मानेगा उसके लिए सजा का प्रावाधान भी किया गया हैं। खैर मैं उसकी तकनीकी बारिकीयों में नहीं जाना चाहता। मुद्दा यह हैं कि राजनीतिक गलियारों में और बुद्धिजीवी वर्ग में, अब इसके पक्ष-विपक्ष की बात को लेकर भी बहस तेज […]

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क्यों बैन हुआ एनडी टीवी ?

हिंदी के प्रमुख समाचार चैनल एनडी टीवी पर 9 नवम्बर की रात 12.01 बजे से 10 नवम्बर की रात 12.01 बजे तक प्रसारण पर रोक लगा दी हैं । इस दौरान एनडी टीवी देश भर में ऑफ एयर रहेगा।  इसका फैसला संसदीय समिति ने लिया। जिसमें एनडी टीवी को ‘टीवी केवल नेटवर्क नियम 1994’ के उल्लघन […]

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मुझे हिंदी बोलने में होता है गर्व का अनुभव

मैं एक भारतीय हूं और हिंदी बोलने में मुझे गर्व होता हैं। किसी अंग्रेज को हिंदी बोलते सुनता हूं तो दिल को बहुत सुकून महसूस होता है। मुझे अंग्रेजी की भी समझ है। इसके बावजूद मुझसे अंग्रेजी में व्याकरण की भी हो जाती हैं क्योंकि 95 प्रतिशत मैं अपनी मातृ भाषा में ही बात करता हूं, उसी को […]

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गुजरे जमाने की बात

ऊंची-ऊंची इमारतें सडको पर सरपट दौडती गाड़ियां, शाम को रोशनी से नहाए बाजार, लोगो का एक-दूसरे के नजदीक से गुजरना, एक भीड़ को पार करते हुए, दूसरी भीड़ का हिस्सा बनना, अपनी मंजिल पर पहुंचना। मेट्रो शहरो में यह आम बात है। इस चकाचौंद भरे जीवन को पाने के लिए हम दिन भर कोल्हू के […]

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केजरीवाल एक रंग अनेक

  विचार डेस्कः केजरीवाल ने अपना राजनैतिक जीवन शुरू किया 2 अक्टूबर 2012 से। यह वह समय था जब लोग कांग्रेस के शासन से तंग हो चुके थे और अरविन्द केजरीवाल कांग्रेस डूबती नाव को पीछे छोड़ अपने आपको एक नए विकल्प के तौर पर प्रदर्शित कर रहे थे। आम आदमी पार्टी की शुरुआत से […]

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देशद्रोही नारे जिन्हे नई विचार धारा लगती है

विचार डेस्कः जेएनयु विवाद 9 फरवरी से शुरू हुआ और अब तक जारी है। क्या यह विषय सही मायनो में इतना लम्बा चलना चाहिए था? आपको 9 फरवरी को लगाए वो नारे याद होगे। भारत को तोड़ने वाले, भारत की बर्बादी की दुआ मागने वाले, कौन लोग थे ? कौन अफजल को शहीद बता रहे […]

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