बजट 2026-27: हरियाणा और पंजाब को क्या-क्या मिलेगा?

हरियाणा

खेती, उद्योग, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े फायदे

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में उत्तर भारत के औद्योगिक और कृषि-प्रधान राज्यों हरियाणा और पंजाब के लिए कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनका असर आने वाले वर्षों में रोजगार, किसानों की आय, स्वास्थ्य सुविधाओं और उद्योगों पर साफ दिखाई देगा। बजट भाषण और प्रस्तावों के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि सरकार का फोकस खेती से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर तक दोनों राज्यों की ताकत को आगे बढ़ाने पर है।


🌾 कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: पंजाब-हरियाणा को सीधा लाभ

1️⃣ किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

बजट में उच्च मूल्य वाली कृषि, पशुपालन और कृषि-प्रसंस्करण को प्राथमिकता दी गई है।

पंजाब और हरियाणा को लाभ:

  • डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को ऋण-आधारित सब्सिडी
  • पशु-चिकित्सा कॉलेज, लैब और अस्पतालों को बढ़ावा
  • कृषि-आधारित MSME और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को समर्थन

👉 हरियाणा और पंजाब, जहां दुग्ध उत्पादन और कृषि आय का बड़ा आधार है, वहां ग्रामीण रोजगार और किसानों की आमदनी बढ़ने की संभावना है।


🏭 उद्योग और MSME: हरियाणा को खास बढ़त

2️⃣ मैन्युफैक्चरिंग और MSME को मजबूती

बजट में ₹10,000 करोड़ का SME डेवलपमेंट फंड और “चैंपियन MSME” योजना की घोषणा की गई है।

हरियाणा को लाभ:

  • ऑटोमोबाइल, ऑटो-पार्ट्स और इंजीनियरिंग क्लस्टर को पूंजी
  • कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल टूल्स योजना
  • लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में नए निवेश

👉 गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में नौकरी और निवेश बढ़ने के संकेत हैं।


🏥 स्वास्थ्य सेक्टर: दोनों राज्यों को बड़ा फायदा

3️⃣ हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल रोजगार

बजट में स्वास्थ्य को सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि रोजगार सृजन से जोड़ा गया है।

हरियाणा और पंजाब को मिलने वाले लाभ:

  • Allied Health Professionals के नए संस्थान
  • जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर सेंटर
  • मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार
  • मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा

👉 चंडीगढ़, रोहतक, लुधियाना और अमृतसर जैसे मेडिकल हब्स में हेल्थ-इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।


🚧 इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

4️⃣ शहर और परिवहन विकास

बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक केंद्र बनाने पर ज़ोर है।

दोनों राज्यों को लाभ:

  • औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर
  • बेहतर सड़क, रेल और शहरी ट्रांसपोर्ट
  • नगर निकायों को वित्त आयोग के ज़रिए ज्यादा फंड

👉 इससे रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन और लोकल बिज़नेस को गति मिलेगी।


⚡ ऊर्जा और पर्यावरण

5️⃣ ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी

  • सोलर और बैटरी स्टोरेज पर टैक्स छूट
  • ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा पर निवेश

👉 हरियाणा और पंजाब में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स और EV सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलेगा।


💊 आम जनता को राहत: क्या सस्ता हुआ?

  • 17 जरूरी दवाओं पर आयात शुल्क शून्य
  • कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाइयाँ सस्ती
  • शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजी जाने वाली रकम पर TCS घटा

👉 इसका सीधा फायदा दोनों राज्यों के मिडिल क्लास और मरीजों को मिलेगा।


🔍 निष्कर्ष

बजट 2026-27 हरियाणा और पंजाब के लिए:

  • किसानों की आय बढ़ाने वाला बजट
  • उद्योग और रोजगार को गति देने वाला बजट
  • स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने वाला बजट

हालांकि सीधी नकद राहत सीमित है, लेकिन लंबी अवधि में विकास, निवेश और रोजगार के लिहाज़ से यह बजट दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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