Full Budget 2026-27: क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ, और सरकार का फोकस कहां है?

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नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में पेश किया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता से गुजर रही है, लेकिन भारत सरकार का दावा है कि उसने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी है। बजट दस्तावेज़ से साफ है कि सरकार का झुकाव डिफेंस, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण की ओर ज्यादा है, जबकि आम आदमी को कुछ मोर्चों पर राहत भी दी गई है ।


कुल बजट की बड़ी तस्वीर

  • कुल सरकारी खर्च (2026-27): ₹53.5 लाख करोड़
  • पूंजीगत व्यय (Capex): ₹12.2 लाख करोड़
  • राजकोषीय घाटा: GDP का 4.3%
  • ऋण-से-GDP अनुपात: 55.6%

सरकार का दावा है कि खर्च बढ़ाने के बावजूद घाटे और कर्ज पर नियंत्रण रखा गया है।


क्या महंगा हुआ? (जहां सरकारी खर्च बढ़ा)

🛡️ 1. रक्षा क्षेत्र (Defence)

सरकार का सबसे बड़ा फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा पर दिखता है।

  • रक्षा बजट: ₹5.95 लाख करोड़
  • कुल बजट का लगभग 11%
  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D): ₹17,250 करोड़

👉 पैसा मुख्य रूप से इन पर खर्च होगा:

  • लड़ाकू विमान और एयरो-इंजन
  • हथियार, गोला-बारूद और सैन्य उपकरण
  • रक्षा विमानन के पुर्जों का घरेलू निर्माण
  • रक्षा उपकरणों के MRO (मरम्मत-रखरखाव) को बढ़ावा

स्पष्ट संकेत: सरकार “आयात निर्भरता” घटाकर आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग बनाना चाहती है।


🏗️ 2. इंफ्रास्ट्रक्चर

  • सरकारी कैपेक्स बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़
  • हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
  • नए फ्रेट कॉरिडोर और जलमार्ग
  • टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान

👉 सड़क, रेल, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर खर्च बढ़ना यानी निर्माण लागत और सरकारी परियोजनाओं का दायरा बढ़ा।


💸 3. ब्याज भुगतान

  • सरकार को कर्ज पर ब्याज चुकाने में भारी रकम खर्च करनी पड़ेगी
  • ब्याज भुगतान कुल खर्च का बड़ा हिस्सा बना हुआ है

क्या सस्ता हुआ? (आम आदमी को राहत)

💊 1. दवाइयाँ और इलाज

  • 17 जरूरी दवाओं पर आयात शुल्क शून्य
  • कैंसर सहित 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर भी राहत

👉 इसका सीधा फायदा मरीजों और उनके परिवारों को मिलेगा।


✈️ 2. विदेश यात्रा और पढ़ाई

  • विदेश यात्रा पैकेज पर TCS घटाकर 2%
  • विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर भी TCS 2%

🛒 3. निजी उपयोग का आयात

  • निजी उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर
    कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10%

किन क्षेत्रों पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस है?

🏥 1. स्वास्थ्य (Health) – “इलाज + रोजगार”

सरकार ने हेल्थ सेक्टर को सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि रोजगार सृजन से जोड़ा है।

  • अगले 5 वर्षों में 1 लाख नए Allied Health Professionals
  • 1.5 लाख केयर-गिवर्स को प्रशिक्षित करने की योजना
  • 5 मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब
  • NIMHANS-2 और नए मानसिक स्वास्थ्य संस्थान
  • 50% जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर सेंटर

👉 हेल्थ को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है।


🏭 2. विनिर्माण और MSME

  • ₹10,000 करोड़ का SME डेवलपमेंट फंड
  • सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्कीम: ₹40,000 करोड़
  • टेक्सटाइल पार्क, केमिकल पार्क, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग

🌱 3. ऊर्जा और पर्यावरण

  • बैटरी और सोलर उपकरणों पर कस्टम छूट
  • नाभिकीय ऊर्जा उपकरणों पर छूट 2035 तक
  • Carbon Capture (CCUS): ₹20,000 करोड़

निष्कर्ष: यह बजट किसके लिए है?

बजट 2026-27 साफ संकेत देता है कि सरकार की प्राथमिकताएँ हैं:

  • रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा
  • स्वास्थ्य और मानव संसाधन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण

आम आदमी को सीधी नकद राहत कम है, लेकिन:

  • इलाज सस्ता
  • शिक्षा और विदेश पढ़ाई आसान
  • रोजगार-केंद्रित सेक्टरों में निवेश ज्यादा

👉 यह बजट लोकलुभावन नहीं, बल्कि रणनीतिक और दीर्घकालीन कहा जा सकता है।

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