Waqf bill क्या है ? और जानिए कब-कब इसमें संसोधन हुए

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नेशनल डेस्क: भारत में वक्फ अधिनियम (Waqf Act) को वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए बनाया गया था। 1954, 1995 और 2013 में इसे संशोधित किया गया जा चुका है। मौजूदा सरकार वर्ष 2025 में फिर से इसमें कुछ संशोधन कर रही है। आईए जानते हैं नए और पुराने वक्फ अधिनियमों में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

1. वक्फ अधिनियम, 1954

  • यह अधिनियम पहली बार 1954 में लागू किया गया था।
  • इसका मुख्य उद्देश्य भारत में वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण और प्रबंधन करना था।
  • प्रत्येक राज्य में राज्य वक्फ बोर्ड (State Waqf Board) की स्थापना की गई।
  • वक्फ संपत्तियों की देखरेख और प्रबंधन के लिए केंद्रीय वक्फ परिषद (Central Waqf Council) बनाई गई।
  • वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जे से बचाने के लिए कुछ प्रावधान रखे गए थे, लेकिन ये प्रभावी नहीं थे।

2. वक्फ अधिनियम, 1995

1954 के अधिनियम में कई कमियां थीं, इसलिए 1995 में एक नया वक्फ अधिनियम लाया गया। इसके मुख्य बिंदु:

  • वक्फ संपत्तियों का अनिवार्य पंजीकरण किया गया।
  • वक्फ बोर्ड को अधिक शक्तियां दी गईं, जिससे वह अवैध कब्जे वाली संपत्तियों को स्वयं अधिग्रहित कर सके।
  • वक्फ ट्रिब्यूनल (Waqf Tribunal) की स्थापना की गई, जिससे वक्फ संबंधी मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
  • वक्फ संपत्तियों की लीज (पट्टा) देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया।
  • सरकारी विभागों और अधिकारियों को वक्फ संपत्तियों का सम्मान करने और उन्हें संरक्षित करने के निर्देश दिए गए।

3. 2013 का संशोधन (Waqf Amendment Act, 2013)

1995 के अधिनियम को और मजबूत करने के लिए 2013 में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया गया। इसके मुख्य बिंदु:

  • वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया।
  • यदि कोई व्यक्ति वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा करता है, तो उसे जेल की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • वक्फ संपत्तियों की ऑनलाइन लिस्टिंग और डिजिटल रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया शुरू की गई।
  • राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे वक्फ बोर्ड को स्वायत्तता दें और उनकी शक्तियों को बढ़ाएं।
  • वक्फ संपत्तियों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया।

नए और पुराने वक्फ अधिनियम में मुख्य अंतर

अंतर1954 का अधिनियम1995 का अधिनियम2013 संशोधन
पंजीकरणस्वैच्छिक थाअनिवार्य किया गयाऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
वक्फ बोर्ड की शक्तियांसीमितअधिक शक्तियां दी गईंऔर अधिक स्वायत्तता दी गई
विवादों का निपटाराकोर्ट में होता थावक्फ ट्रिब्यूनल बनाया गयाट्रिब्यूनल की ताकत बढ़ाई गई
अवैध कब्जाकार्रवाई कठिन थीकुछ सख्त प्रावधान जोड़े गएजेल और जुर्माने का प्रावधान
डिजिटलीकरणनहीं थाआंशिक रूप से थापूरी तरह डिजिटल रिकॉर्ड की व्यवस्था

1954 के वक्फ अधिनियम में कानूनी ढांचे की स्थापना की गई, लेकिन इसमें कई खामियां थीं। 1995 के अधिनियम ने इसे अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया। 2013 के संशोधन में अवैध कब्जे रोकने, दंड कड़े करने और डिजिटलीकरण पर ज़ोर दिया गया, जिससे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन संभव हो सका।

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