Explation: अमेरिका के BAPS मंदिर में तोड़फोड़, भारत ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

विदेश
The Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha

विदेश डेस्क: कैलिफ़ोर्निया के चिनो हिल्स में स्थित BAPS मंदिर में तोड़फोड़ की घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने रविवार को कहा, “हम स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आग्रह करते हैं कि वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।”

BAPS मंदिर क्या हैं?

बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) स्वामीनारायण संप्रदाय की एक शाखा है, जो वैश्वनव परंपरा का पालन करती है। इस संप्रदाय के दुनिया भर में लगभग 1,550 मंदिर हैं, जिनमें लंदन, ह्यूस्टन, शिकागो, अटलांटा, टोरंटो, लॉस एंजिल्स और नैरोबी जैसे प्रमुख शहरों में मंदिर शामिल हैं। संस्था धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी कार्य करती है।

BAPS संप्रदाय के अनुयायी पांच आजीवन संकल्पों का पालन करते हैं:

  1. शराब का सेवन नहीं करना
  2. कोई नशा नहीं करना
  3. व्यभिचार से दूर रहना
  4. मांसाहार न करना
  5. शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना

BAPS की स्थापना और नेतृत्व

BAPS की स्थापना भगवान स्वामीनारायण (1781-1830) द्वारा की गई थी और इसे 1907 में शास्त्रीजी महाराज (1865-1951) ने औपचारिक रूप दिया। वर्तमान में महंत स्वामी महाराज इसके आध्यात्मिक प्रमुख हैं। संस्था के अनुसार, भगवान स्वामीनारायण को सर्वोच्च ईश्वर का अवतार माना जाता है, और उनके विग्रह मंदिरों के गर्भगृह में स्थापित होते हैं।

BAPS और प्रमुख हस्तियां

BAPS के मंदिरों में कई बड़े नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने दौरा किया है। 2023 में, अबू धाबी में BAPS मंदिर के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे। इससे पहले ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी भारत यात्रा के दौरान BAPS मंदिर का दौरा किया था।

2022-23 में गुजरात में प्रमुख स्वामी महाराज शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े उद्योगपति शामिल हुए थे। इस आयोजन में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी, GMR ग्रुप के जी. एम. राव, कल्याण ज्वेलर्स के टी. एस. कल्याणरमन, irma ग्रुप के कर्सन पटेल, Zydus Cadila के पंकज पटेल, हीरो इलेक्ट्रिक के विजय मुंजाल और सन फार्मा के दिलीप सांघवी जैसे प्रमुख उद्योगपति भी उपस्थित थे।

BAPS का बहुसांस्कृतिक दृष्टिकोण

BAPS खुद को एक बहुसांस्कृतिक संस्था के रूप में प्रस्तुत करता है। संस्था के सदस्य स्वामी भद्रेशदास के अनुसार, जब 2005 में दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का उद्घाटन हुआ था, तब एक मुस्लिम राष्ट्रपति (डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम), एक सिख प्रधानमंत्री (डॉ. मनमोहन सिंह) और एक हिंदू नेता प्रतिपक्ष (लालकृष्ण आडवाणी) एक साथ उपस्थित थे।”

अबू धाबी में BAPS मंदिर के उद्घाटन पर एक प्रवक्ता ने कहा, एक मुस्लिम राजा ने हिंदू मंदिर के लिए जमीन दान की, जिसका मुख्य आर्किटेक्ट एक कैथोलिक ईसाई है, प्रोजेक्ट मैनेजर एक सिख, नींव डिजाइन करने वाला एक बौद्ध, निर्माण करने वाली कंपनी एक पारसी समूह और निदेशक जैन परंपरा से हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी और BAPS

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रमुख स्वामी महाराज को पिता तुल्य” बताया है। उन्होंने कहा था कि वह अपने हर चुनाव नामांकन पत्र पर वही कलम इस्तेमाल करते हैं जो प्रमुख स्वामी महाराज ने दी थी। इसके अलावा, उन्होंने साझा किया कि उनकी कुर्ता-पाजामा का कपड़ा भी प्रमुख स्वामी और उनके उत्तराधिकारी महंत स्वामी द्वारा भेजा जाता रहा है।

BAPS के मंदिरों पर पहले भी हमले हुए हैं। न्यूयॉर्क और कनाडा के मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं पहले सामने आई थीं। भारत सरकार ने इस बार अमेरिका से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने पूजा स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

BAPS के मंदिर पहले भी अमेरिका और कनाडा में तोड़फोड़ की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। भारत सरकार इस मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

support सहयोग करें

प्रजातंत्र एक राष्ट्रवादी न्यूज पोर्टल है। वामपंथी और देश विरोधी मीडिया के पास फंड की कोई कमी नहीं है। इन ताकतों से लड़ने के लिए अपनी क्षमता अनुसार हमारा सहयोग करें।

Tagged

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *