आप सभी सोच रहे होगे कोनसी चाल है। जिसमे केजरीवाल कामयाब हो गए है तो मै आपको बताना चाहता हूँ। कुछ दिन पहले सीबीआई ने केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के ऑफिस में छापा मारा, जिसपर केजरीवाल ऐसे तिलमिलाए जैसे उनकी किसी दुखती रग पर पाँव रखा गया हो। वह ऐसे बौखलाए कि अपनी वाणी का सयंम भी खो बैठे। प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय एजेंसी तक के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया।
राजेन्द्र पर यह चार्जेस बीजेपी की सरकार आने से पहले ही दिल्ली डायलॉग कमीशन के वरिष्ठ सदस्य आशीष जोशी ने गंभीर आरोप लगाए थे और इसकी शिकायत एसीबी (एंटी करप्शनन ब्यूरो) से की, बाद में एंटी करप्शन ब्यरो ने इसे सीबीआई को सौप दिया। सीबीआई जब किसी की जाँच करती है तो वह जाँच करने वाले को बता कर जाँच नहीं करती है और जहाँ तक सवाल है केजरीवाल जी को बताने का तो इसके बारे में ट्रांसपरेन्सी इंटरनेशनल ने केजरीवाल जी को 27 मई 2015 को पत्र लिखकर इसकी जानकारी थी । तब उन्होंने इसके बारे में कार्यवाही क्यों नहीं की ? ये एक सवाल है जो हर वह व्यक्ति पूछना चाहता है। हमेशा ईमानदारी का झंडा बुलंद करने वाले और अपने आपको ईमानदारी का नायक कहने वाले अब अपनी विश्वसनीयता खोते जा रहे है।
केजरीवाल खुद को या तो बहुत बुद्धिमान समझ रहे है या जनता को मुर्ख। बात बात पर धरने पर बैठना जनता ने अब छुड़वा दिया है। अब केजरीवाल को समझना होगा की बात बात पर ये जो प्रेस कॉन्फ्रेंस का खेल वो खेलते है और किसी को बैइमान होने का सर्टिफिकेट बाटना कर देते है वो ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। अगर आपके पास सबूत थे तो कोर्ट क्यों आप ? शीला दीक्षित के खिलाफ भी ऐसे बहुत सबूत बहुत दिखाए आपने पर सत्ता में आने के बाद क्या किया कुछ नहीं । कितनी बार अपने ब्यानो से पलटे है, पूरा देश जानता है।
केजरीवाल जी अपनी चाल में कामयाब हो गए है अब प्राइम टाइम में और अन्य टीवी डिबेट इस बात पर नहीं हो रही कि अगर सचिव को सीबीआई ने पूछ ताछ के लिए छापा मारा तो क्या गलत है? ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। वसुन्दरा राजे की राजस्थान में सरकार थी और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब उनके प्रधान सचिव पर छापा मारा था तब इतना हंगामा नहीं हुआ था। पंजाब में सरकार पर भी सीबीआई ने ऐसा ही छापा मारा था तब भी केंद्र में कांग्रेस के सरकार थी।
आज कांग्रेस और आप पार्टी इस मुद्दे पर इतना जो हल्ला मचा रही है तब कहा थी ? इसलिए केजरीवाल जी मुद्दा भटकाने में पूरी तरह से सफल हो गए।
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